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Ayurved bta
| दोष | तत्व | विशेषता |
|---|---|---|
| वात | वायु + आकाश | गति, सांस, नर्वस सिस्टम |
| पित्त | अग्नि + जल | पाचन, मेटाबॉलिज्म, बुद्धि |
| कफ | पृथ्वी + जल | शरीर की संरचना, इम्युनिटी |
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| औषधि | संस्कृत | लाभ |
|---|---|---|
| अश्वगंधा | Withania somnifera | बल वर्धन, रसायन |
| वासा | Adhatoda vasica | कास, रक्तस्राव रोक |
| यष्टिमधु (मुलेठी) | Glycyrrhiza glabra | खांसी, स्वर सुधार |
| बला | Sida cordifolia | बल वृद्धि, धातु पोषण |
| पिप्पली | Piper longum | पाचन, श्वास सुधार |
| दशमूल | - | त्रिदोष शामक, बल्य |
| विदारी | Pueraria tuberosa | धातु पुष्टि |
| आमलकी | Emblica officinalis | रसायन, प्रतिरोधक |
| Phase | Duration | Drugs |
|---|---|---|
| Intensive Phase | 2 महीने | HRZE = Isoniazid + Rifampicin + Pyrazinamide + Ethambutol |
| Continuation Phase | 4 महीने | HR = Isoniazid + Rifampicin |
| कुल अवधि | 6 महीने | - |
| आधुनिक ATT | आयुर्वेदिक सहयोग |
|---|---|
| Liver protection | कुटकी, भूमि-आंवला, यष्टिमधु |
| Immunity boost | च्यवनप्राश, अश्वगंधा |
| Cough relief | वासा, तुलसी, पिप्पली |
| Weight gain | अश्वगंधा, विदारी, दूध-घी |
| Fever | गिलोय (Guduchi), तुलसी |
राजयक्ष्मा (TB) एक गंभीर संक्रामक रोग है। आधुनिक ATT दवाइयां पूरी अवधि तक लेनी अनिवार्य हैं। बीच में दवा बंद करने से Drug Resistant TB (MDR-TB) हो सकती है। आयुर्वेदिक उपचार सहायक (adjunct) के रूप में लें, पर DOTS (Directly Observed Treatment) को प्राथमिकता दें।