Make breif notes of parad sanskaran in hindi rash shastra chapter 2
पारद संस्कारण रस शास्त्र अध्याय 2 अष्टादश संस्कार
parad sanskaran 18 ashtadasha rasa shastra chapter 2 mercury purification ayurveda hindi notes
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| मतानुसार | संख्या |
|---|---|
| अधिकांश ग्रंथ (रस हृदय तंत्र, रस तरंगिणी) | 18 संस्कार |
| कुछ आचार्यों के अनुसार | 19 संस्कार |
स्वेदनमर्दनमूर्च्छोत्थापनपातननिरोधनियमाश्च । दीपनं गगनग्रासप्रमाणमथ चारण विधानम् च ।। गर्भद्रुतिबाह्यद्रुतिजारणरसरागसारणं चैव । क्रामण वेधो भक्षणमष्टादशधेति रसकर्म ।।
| क्रमांक | संस्कार का नाम | सरल अर्थ |
|---|---|---|
| 1 | स्वेदन (Svedana) | भाप/उष्मा से शोधन |
| 2 | मर्दन (Mardana) | मर्दन (पीसना) |
| 3 | मूर्च्छन (Murchana) | मूर्च्छित करना (अचेत अवस्था) |
| 4 | उत्थापन (Utthapana) | पुनर्जीवित करना |
| 5 | पातन (Patana) | आसवन/पतन क्रिया |
| 6 | रोधन (Rodhana) | रोकना/बांधना |
| 7 | नियमन (Niyamana) | नियंत्रण करना |
| 8 | दीपन (Deepana) | अग्नि-शक्ति बढ़ाना |
| 9 | गगनग्रास (Gaganagras) | अभ्रक ग्रहण कराना |
| 10 | चारण (Charana) | धातु के साथ मिलाना |
| 11 | गर्भद्रुति (Garbhadruti) | अंतःगलन (अंदर पिघलाना) |
| 12 | बाह्यद्रुति (Bahyadruti) | बाहरी गलन |
| 13 | जारण (Jarana) | पाचन/जीर्ण करना |
| 14 | रंजन (Ranjana) | रंग/गुण प्रदान करना |
| 15 | सारण (Sarana) | गलनशीलता बढ़ाना |
| 16 | क्रामण (Kramana) | पारदर्शिता/प्रसारण शक्ति |
| 17 | वेध (Vedha) | धातु को बेधने की शक्ति |
| 18 | भक्षण (Bhakshana) | खाने योग्य बनाना |
| गति | कारण |
|---|---|
| नागगति | पात्र में चिपकने से |
| हंसगति | स्थानांतरण के समय |
| मलगति | मल निकालते समय |
| धूमगति | जारण आदि में वाष्पीकरण |
| जीवगति | अज्ञात कारण से |
| ग्रंथ | मात्रा |
|---|---|
| रस रत्न समुच्चय | 2000, 1000, 100, 28, 10 या ½ पल |
| रस तरंगिणी | 100, 50, 25, 10 या 1 पल |
संदर्भ ग्रंथ: रस हृदय तंत्र (अ. 2/12), रस तरंगिणी, रस रत्न समुच्चय, रसेंद्र चूड़ामणि